आप विदेश से ख़रीद सकते हैं। असली सवाल यह है कि पैसा भेजने से पहले आप क्या-क्या जाँचते हैं। NRI, OCI और विदेशी निवेशकों के लिए एक स्वतंत्र, ख़रीदार-पक्ष की जाँच-सूची — जिसे एक जोखिम-फ़िल्टर ने लिखा है, ब्रोकर ने नहीं।
विदेश में रहने वाला ख़रीदार शायद ही कभी इसलिए पैसा गँवाता है कि वह भारत नहीं आ सका। वह पैसा इसलिए गँवाता है क्योंकि उसने बिल्डर की बिक्री-प्रस्तुति, किसी रिश्तेदार के WhatsApp पर आगे भेजे गए संदेश, या ऐसे ब्रोकर पर भरोसा किया जो आपके जल्दी ख़रीदने पर ज़्यादा कमाता है। जब तक कमी सामने आती है — कब्ज़े में देरी, HARERA का नोटिस, पुनर्विक्रय के समय स्वामित्व (टाइटल) की समस्या — तब तक चेक भुनाया जा चुका होता है।
यह मार्गदर्शिका वही जाँच-सूची है जिसे हम किसी NRI के गुड़गाँव की संपत्ति के लिए प्रतिबद्ध होने से पहले अपनाते हैं। यह आपको यह नहीं बताती कि क्या ख़रीदें। यह बताती है कि क्या जाँचें, किस क्रम में जाँचें, और टाली जा सकने वाली ग़लतियाँ कहाँ छिपी होती हैं। इसमें कुछ भी क़ानूनी, कर या निवेश सलाह नहीं है — इसे उन सवालों का एक व्यवस्थित समूह मानें जो आप अपने वकील, CA और बैंक से पूछें।
केवल प्रारंभिक समझ के लिए सामान्य जानकारी, जून 2026 की स्थिति के अनुसार। FEMA, RBI और कर नियम बदलते रहते हैं — कोई भी कदम उठाने से पहले किसी योग्य पेशेवर से बारीकियों की पुष्टि करें।
NRI और OCI बिना RBI की पूर्व अनुमति के भारत में आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति ख़रीद सकते हैं — फ़्लैट, बिल्डर फ़्लोर, विला और आवासीय प्लॉट, सभी की अनुमति है। जिसकी अनुमति नहीं है, वह है कृषि भूमि, बागान संपत्ति और फ़ार्महाउस; FEMA के तहत इन्हें केवल विरासत में ही प्राप्त किया जा सकता है। "गुड़गाँव के पास फ़ार्महाउस" का प्रस्ताव विदेशी ख़रीदारों के लिए एक आम जाल है।
हर रुपया औपचारिक बैंकिंग माध्यमों से ही आना चाहिए — आपके NRE, NRO या FCNR खाते से, या किसी भारतीय बैंक से गृह ऋण के ज़रिए। नकद भुगतान प्रतिबंधित है। आप ख़रीद के लिए धन कैसे जुटाते हैं, इसी से यह भी तय होता है कि बाद में आप कितनी आसानी से पैसा बाहर ले जा सकेंगे, इसलिए यह निर्णय पैसा भेजने से पहले अपने CA के साथ लें, बाद में नहीं।
यहीं एक स्वतंत्र जोखिम-फ़िल्टर अपनी फ़ीस को सार्थक करता है। ये वे बिंदु हैं जिन्हें हम किसी ब्रोशर के बजाय सार्वजनिक रिकॉर्ड — HARERA पोर्टल, उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय और स्वामित्व-शृंखला — से मिलाकर जाँचते हैं।
केवल HARERA पंजीकरण से यह पता नहीं चलता कि बिल्डर परियोजना पूरी करके कब्ज़ा देता है या नहीं। पहले से पूरी हो चुकी परियोजनाएँ, HARERA शिकायतों की संख्या और प्रकृति, और मुक़दमेबाज़ी का कोई भी इतिहास जाँचें। प्रचार सामग्री में दी गई कब्ज़े की समय-सीमाएँ प्रतिबद्धता नहीं हैं।
पुष्टि करें कि परियोजना (और टावर/चरण) हरियाणा RERA पोर्टल पर पंजीकृत है, पंजीकरण वैध है, और प्रवर्तक (प्रमोटर) का विवरण आपके कागज़ात से मेल खाता है। पंजीकृत कारपेट क्षेत्रफल का मिलान उस क्षेत्रफल से करें जो बिक्री टीम बता रही है।
पुनर्विक्रय में स्वामित्व-शृंखला की जाँच अनिवार्य है, इसमें कोई समझौता नहीं: आवंटन-पत्र, पूरे भुगतान की रसीदें, हस्तांतरण के लिए बिल्डर का NOC, साफ़ पंजीकरण-शृंखला, और जहाँ लागू हो वहाँ गृह ऋण का NOC। कोई भी टोकन राशि देने से पहले किसी वकील से पुष्टि कराएँ कि संपत्ति पर कोई ऋणभार नहीं है।
निर्माणाधीन संपत्ति ख़रीदते समय RERA एस्क्रो नियमों के पालन की पुष्टि करें, और यह भी कि आपकी भुगतान योजना वास्तविक निर्माण-प्रगति के अनुसार चलती है — बिल्डर की तेज़ की गई समय-सारिणी के अनुसार नहीं। समझ लें कि यदि बिल्डर बीच में चूक करता है तो आपके पैसे का क्या होगा।
यदि आप विदेश से निर्माण की निगरानी नहीं कर सकते, तो तैयार (रेडी-टू-मूव) संपत्ति कब्ज़े की समय-सीमा का जोखिम हटा देती है और पूरा भुगतान करने से पहले आपको वास्तविक इकाई, कारपेट क्षेत्रफल और उसकी हालत जाँचने का अवसर देती है।
अधिकांश NRI ख़रीद मुख़्तारनामे (पावर ऑफ़ अटॉर्नी) के ज़रिए पूरी होती हैं, क्योंकि पंजीकरण के समय आप हमेशा उपस्थित नहीं हो सकते। मुख़्तारनामा ही वह जगह है जहाँ विदेशी ख़रीदारों को नुकसान होता है — ग़लत व्यक्ति को सौंपा गया व्यापक, अपरिवर्तनीय मुख़्तारनामा एक खुला दरवाज़ा है।
हम आपके कर सलाहकार नहीं हैं, और नीचे दिए आँकड़े बदलते रहते हैं। इसे उन सवालों की सूची मानें जिन्हें लेनदेन से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ सुलझा लेना चाहिए, ताकि पंजीकरण या पुनर्विक्रय के समय कोई अप्रत्याशित स्थिति न आए।
कर और FEMA संबंधी संदर्भ सामान्य हैं और जून 2026 तक के हैं। दरें, न्यूनतम सीमाएँ और अधिकतम सीमाएँ बदलती रहती हैं — मान्य आपके CA की पुष्टि होगी, यह पृष्ठ नहीं।
AK Real Estate Solutions गुड़गाँव की आवासीय संपत्तियों के लिए ख़रीदार-पक्ष का जोखिम-फ़िल्टर है — ब्रोकर नहीं, और इसका भुगतान आप करते हैं, बिल्डर नहीं। विदेश में रहने वाले ख़रीदारों के लिए हम ऊपर दी गई जाँच-सूची को सार्वजनिक रिकॉर्ड से मिलाकर चलाते हैं और आपको एक लिखित निर्णय देते हैं: जिस विशिष्ट संपत्ति पर आप विचार कर रहे हैं, उस पर हरा / पीला / लाल निर्णय, सटीक जोखिम, और जाँच का अगला कदम। यदि आप सलाह सेवा छोड़कर सीधे सौदे की ओर बढ़ना चाहें, तो हम आपको बिना किसी शुल्क के एक जाँचे-परखे ब्रोकर से जोड़ सकते हैं।
कॉरिडोर की पृष्ठभूमि से शुरुआत करें: गोल्फ़ कोर्स रोड, DLF फ़ेज़ और द्वारका एक्सप्रेसवे वे कॉरिडोर हैं जिनके बारे में विदेशी निवेशक सबसे अधिक पूछते हैं।
हाँ। NRI और OCI बिना RBI की पूर्व अनुमति के आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति ख़रीद सकते हैं, और विधिवत तैयार किए गए, पंजीकृत मुख़्तारनामे के ज़रिए दूर रहकर ही ख़रीद पूरी कर सकते हैं। असली काम है पैसा भेजने से पहले परियोजना, बिल्डर और स्वामित्व की जाँच करना।
नहीं। FEMA के तहत NRI और OCI कृषि भूमि, बागान संपत्ति या फ़ार्महाउस नहीं ख़रीद सकते — ये केवल विरासत में ही मिल सकते हैं। आवासीय फ़्लैट, फ़्लोर, विला और आवासीय प्लॉट की अनुमति है।
NRE, NRO या FCNR खाते से बैंकिंग माध्यमों के ज़रिए, या किसी भारतीय बैंक के गृह ऋण के ज़रिए भुगतान करें। नकद की अनुमति नहीं है। NRE धन से भुगतान करने पर बाद में धन विदेश ले जाने में अधिक लचीलापन मिलता है — प्रक्रिया की पुष्टि अपने बैंक और CA से करें।
किसी निवासी विक्रेता से ₹50 लाख या उससे अधिक की ख़रीद पर, आप धारा 194-IA के तहत फ़ॉर्म 26QB के ज़रिए 1% TDS काटते हैं। किसी NRI विक्रेता से ख़रीद पर, विक्रेता के लाभ पर एक अलग, आमतौर पर अधिक TDS लागू होता है। भुगतान से पहले अपने CA से पुष्टि करें।
हाँ, सीमाओं के भीतर। बिक्री से मिली राशि आमतौर पर NRO खाते के ज़रिए, प्रति वित्त वर्ष 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (USD) की सीमा के भीतर भेजी जाती है; NRE धन से ख़रीदी गई आवासीय संपत्ति की राशि आमतौर पर अधिकतम दो संपत्तियों तक अधिक आसानी से विदेश भेजी जा सकती है। नियम इस पर निर्भर करते हैं कि आपने ख़रीद के लिए धन कैसे जुटाया था।